दण्ड प्रक्रिया संहिता 1 9 73 की धारा 24 एवं 25 के प्रावधानों को मूर्तरूप देने के उद्देश्य से पुलिस विभाग से पृथक स्वतंत्र अभियोजन व्यवस्था का निर्माण करने हेतु वर्ष 1 9 87 में म 0 प्र 0 शासन ने पुलिस विभाग से अभियोजन संवर्ग को पृथक करके लोक अभियोजन संचालनालय का गठन किया है। वर्तमान में लोक अभियोजन संचालनालय दण्ड प्रक्रिया सहिंता 1 9 73 की धारा 25 ए के तहत अधिशासित है।
आपराधिक न्याय प्रशासन के तीन महत्वपूर्ण अंग हैं- न्यायालय, पुलिस एवं अभियोजन। जिनमें अभियोजन का कार्य न्यायालय के समक्ष पुलिस द्वारा अनुसन्धान उपरांत एकत्रित की गई समुचित साक्ष्य प्रस्तुत कर पीड़ित को न्यायालय के माध्यम से न्याय प्रदान कराना एवं अपराधी को अपराधिक कृत्य के लिए दण्डित कराने का है। इस प्रकार अभियोजन विभाग सम्पूर्ण आपराधिक न्याय प्रशासन की रीढ़ की तरह कार्य करता है एवं कानून व्यवस्था के सुचारू संचालन मर प्रत्यक्ष रूप से महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है।
लोक अभियोजन संचालनालय म 0 प्र 0 का मुख्यालय भोपाल में स्थित है। वर्तमान प्रशासनिक व्यवस्था के तहत संचालनालय में एक संचालक, दो संयुक्त संचालक, दो उप संचालक, पांच सहायक संचालक एवं लिपिक वर्गीय स्टाफ कार्यरत है। संचालनालय के अधीन सभी जिला मुख्यालयों पर जिला अभियोजन कार्यालय स्थापित हैं, जिनमें उप संचालक अभियोजन, जिला लोक अभियोजन अधिकारी, अतिरिक्त जिला लोक अभियोजन अधिकारी एवं सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी कार्यरत हैं। इसके अतिरिक्त पुलिस मुख्यालय, सी 0 आई 0 डी 0, ई 0 ओ 0 डब्लू 0, लोकायुक्त, महिला सेल, एस 0 सी 0 एस 0 टी 0 शाखा, पुलिस प्रशिक्षण संसथान, राज्य लोक सेवा आयोग, विशेष शाखा पुलिस, रेल्वे पुलिस एवं राज्य साइबर सेल में प्रतिनियुक्ति पर अभियोजन अधिकारी कार्यरत हैं।
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